अभिव्यक्ति
Monday, 28 March 2016
इंतज़ार
तेरे इंतज़ार के सफर में
यादें मील का पत्थर बनती गयीं
ना सफर मुकम्मल हुआ
ना यादों का सिलसिला रूका।
------------------------------------
ये सफर कभी ख़त्म ही नहीं होता।
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)